Monday, November 8, 2010

अपनी समस्याएं

मेरी उम्र 60 साल है। सेक्स का मन करता है, पर इरेक्शन कभी-कभी ही होता है। डिस्चार्ज भी जल्दी हो जाता है। क्या इस उम्र में यह नॉर्मल है? इसमें सुधार हो सकता है?
- एक पाठक

आपके सवाल से साफ है कि आपको कामेच्छा तो होती है, पर पेनिस में तनाव कभी आता है और कभी नहीं। साथ ही समागम के दौरान डिस्चार्ज भी जल्दी हो जाता है। किसी शख्स को एक स्थिति में सही उत्तेजना आए और दूसरी में न आए तो समस्या मानसिक है, शारीरिक नहीं। मसलन अगर मास्टरबेशन के दौरान, सुबह उठते वक्त, पेशाब करते हुए उत्तेजना आ जाती है, पर संबंध बनाते वक्त नहीं आती तो यह मानसिक समस्या का लक्षण है, जिसका इलाज आसानी से हो सकता है। इसमें सपोर्टिव या सहायक साइकोथेरपी का इस्तेमाल किया जाता है। यहां जरूरत पड़ती है एक या दो बार सफल यौन संबंध बनाकर आत्मविश्वास जगाने की। ऐसा देखा गया है कि कई बार एक कामयाबी आदमी को दूसरी कामयाबियों की ओर बढ़ा देती है।

वैसे, इस समस्या में अगर देसी वायग्रा यानी सिल्डेनाफिल साइट्रेट का इस्तेमाल किया जाए तो फायदा होता है।

सिल्डेनाफिल साइट्रेट वायग्रा का जेनरिक नाम है जिसकी गोलियां अलग-अलग ब्रैंड नेम से बाजार में मिलती हैं। वायग्रा ब्रैंड विदेशी है और बहुत महंगा है। इसके भारतीय ब्रैंड काफी सस्ते हैं। यह गोली 50 और 100 मिलीग्राम में उपलब्ध है। खाली पेट लेने पर बेहतर असर दिखाती है। इस गोली को संबंध बनाने से एक घंटे पहले लेना जरूरी होता है। यह गोली ख्वाहिश तो नहीं बढ़ाती, पर आए हुए तनाव में इजाफा कर देती है। मतलब यह हुआ कि अगर किसी को 25 फीसदी तनाव आता है तो देसी वायग्रा की गोली लेने के बाद वह 90 फीसदी तक पहुंच सकता है। यह गोली चौबीस घंटे में सिर्फ एक बार पानी या जूस से ली जा सकती है। देसी वायग्रा का असर उसे लेने के एक घंटे बाद शुरू होता है और करीब चार से छह घंटे तक रहता है। जिन्हें दिल की बीमारी हो और जिनकी दवाओं में नाइट्रेट हो, वे सिल्डेनाफिल साइट्रेट न लें।

अगर आप चरम सीमा पर जल्दी पहुंच जाते हैं तो भी पत्नी को कई दूसरे तरीकों से संतुष्टि दे सकते हैं। जल्दी डिस्चार्ज होने की समस्या है, तो पैरोक्सटिन की 20 मिलीग्राम की गोली समागम से चार घंटे पहले लेने से ज्यादातर लोगों को फायदा होता है। याद रखें, आदमी अगर चाहे तो आखिरी दम तक समागम बना सकता है क्योंकि सेक्स की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती!

नोट : यहां दोनों दवाओं के जेनरिक नेम दिए गए हैं। बाजार में ये दवाएं अलग-अलग ब्रैंड नेम से उपलब्ध हैं। कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।


मेरी उम्र 24 साल है। मुझे हमेशा ऐसा लगता है कि मेरा पेनिस (लिंग) मेरे दोस्तों से छोटा और पतला है। छह महीने में मेरी शादी होने वाली है। क्या मैं अपनी वाइफ को संतुष्ट कर पाऊंगा? क्या बाजार में उपलब्ध आयुर्वेदिक तेल इसमें फायदा पहुंचा सकते हैं?
- एक पाठक

पुरुष के पेनिस की लंबाई को लेकर फैली चिंताएं मानव जाति जितनी ही पुरानी हैं। जिस तरह अलग-अलग लोगों की नाक की लंबाई और माथे की चौड़ाई में अंतर होता है, उसी तरह अलग-अलग लोगों के पेनिस की लंबाई और मोटाई में भी अंतर होता है। योनि मार्ग की औसत सेक्सुअल गहराई छह इंच होती है। इसमें जो सेंसेशन होता है, वह आगे के एक तिहाई हिस्से यानी दो इंच तक ही होता है। अंदर के दो-तिहाई हिस्से में कोई संवेदनशीलता नहीं होती। इस जानकारी से साफ है कि पुरुष को अगर अपनी पत्नी को कामोत्तेजित करना हो तो अपना ध्यान उस भाग पर केंद्रित करना चाहिए, जहां सेंसेशन ज्यादा होता है।

इसका मतलब हुआ, लीबिया मेजोरा (बाहरी भगोष्ठ) और योनि मार्ग का आगे का दो इंच भाग। दूसरी बात यह है कि महिला के काम संतोष के लिए एक पुरुष के पेनिस की उत्तेजित अवस्था में लंबाई अगर दो इंच से ज्यादा है तो भी काफी है क्योंकि ज्यादातर महिलाएं संभोग के सुख में दिलचस्पी लेती हैं, न कि पेनिस की लंबाई में। 'जितना लंबा उतना बेहतर' गलत धारणा है। इसे दूर किया जाना चाहिए। मोटाई के लिए भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। योनि मार्ग एक इलास्टिक ऑर्गन है। जब डॉक्टर उंगली की मदद से योनि की जांच करता है तो यह उतनी ही विस्तृत होती है और जब बच्चा होता है तो योनि उसके हिसाब से विस्तृत हो जाती है। मतलब यह कि पेनिस की चौड़ाई कम हो या ज्यादा, योनि में दोनों को समाने की क्षमता मालिक ने हर औरत को दी है। पेनिस छोटा या बड़ा होने से समागम की क्रिया में और आनंद प्राप्ति में कोई बाधा नहीं आती, बशर्ते उत्तेजित अवस्था में पेनिस का साइज दो इंच से ज्यादा हो। सुषुप्त अवस्था में पेनिस का साइज कितना है, इसका कोई महत्व नहीं है।

पेनिस का साइज बढ़ाने के लिए बाजार में कई तरह के तेल मिलते हैं। मैं केईएम अस्पताल में करीब 50 हजार से ज्यादा मरीज देख चुका हूं। इनमें से ज्यादातर लोगों ने इन तेलों का इस्तेमाल किया था। मुझे एक भी ऐसा शख्स नहीं मिला जिसके पेनिस का साइज बढ़ा हो। हां, यह बात और है कि तेल मालिश के बाद कुछ लोगों के हाथ के स्नायु ज्यादा मजबूत हो गए।

मेरी उम्र 35 साल है। शादी को सात साल हो चुके हैं। अब मैं अपनी पत्नी को ठीक से संतुष्ट नहीं कर पाता। मैं जल्दी निबट जाता हूं जबकि वह तब तक तैयार भी नहीं हो पाती। क्या कोई ताकत की दवाई लूं? सुबह कसरत करके ताकत बटोरने की कोशिश भी कर रहा हूं।

यह तो लग रहा है कि आपमें कामेच्छा ठीक से होती है। पेनिस (लिंग) में जरूरी तनाव भी आता है। आप सेक्स भी कर सकते हैं, पर आपकी चरम सीमा जल्दी आ जाती है यानी डिस्चार्ज जल्दी हो जाते हैं। इसी कारण आप अपनी पत्नी को संतुष्ट नहीं कर पाते। यह आम समस्या है। इसमें वर्जिश करने से या अच्छा भोजन खाने से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। इस समस्या की मुख्य वजह जल्दी उत्तेजित हो जाना है। दूसरी वजह मूत्र मार्ग में इन्फेक्शन या डायबीटीज की शुरुआत भी हो सकती है। इन तीन कारणों से ही व्यक्ति जल्दी डिस्चार्ज हो जाता है। इनमें से एक कारण भी हो सकता है, दो भी या तीनों साथ भी हो सकते हैं।

इसका इलाज आसानी से हो सकता है। दो तरह की दवाएं इस रोग में कारगर हैं। एक है - पैरोक्सीटिन 20 मिलीग्राम या क्लोमीप्रामीन 10 या 25 मिलीग्राम की गोली। अगर समागम के चार घंटे पहले पैरोक्सीटिन 20 मिलीग्राम या 8 घंटे पहले क्लोमीप्रामीन 10 या 25 मिलीग्राम की गोली पानी से ले ली जाए तो डिस्चार्ज नहीं होगा और समागम ज्यादा देर तक चलता रहेगा। हकीकत में यह एंटी-डिप्रेसेंट दवाएं हैं। इन्हें अपने डॉक्टर की सलाह से ही इस्तेमाल करना चाहिए।

इस काम में जो आयुर्वेदिक दवाएं इस्तेमाल होती हैं, उनमें से ज्यादातर में अफीम डाली जाती है। इनका लंबे समय तक सेवन करने से व्यक्ति के स्नायुओं में कमजोरी और नामर्दी तक आ सकती है। एलोपैथिक दवाओं में अफीम नहीं होता। हां, कभी-कभी जरा ज्यादा नींद जरूर महसूस होती है, पर कोई बड़ा साइड इफेक्ट नहीं होता। डिस्चार्ज के बारे में यूनानी पद्धति का कहना है कि पेशाब अगर रोक-रोककर करें तो फायदा हो सकता है। कई लोग स्क्वीज तकनीक का भी इस्तेमाल करते हैं, पर मेरे अनुभव में यह ज्यादा कारगर नहीं दिखा। योग के मुताबिक वज्रोलि और अश्विनी मुदा का नियमित अभ्यास करने वाले को इस दिक्कत से मुक्ति मिल जाती है, पर मेरे अनुभव में बहुत लंबे समय के अभ्यास के बाद भी अपेक्षित परिणाम देखने में नहीं आते।

वज्रोलि मुद्रा : पद्मासन में बैठकर लंबी सांस अंदर लें और रोककर रखें। अंडकोष व लिंग को ऊपर की ओर खींचने की कोशिश करें, जैसे पेशाब रोकते समय करते हैं।

अश्विनी मुद्रा : लंबी सांस खींचकर रोकें। ठोढ़ी को नीचे झुकाकर छाती से लगाएं। अपने गुदा द्वार को सिकोड़ें। जितनी देर कर सकें, करें। फिर सांस छोड़ते हुए नॉर्मल अवस्था में आएं। गर्दन सीधी कर लें।

इन यौगिक क्रियाओं से वे स्नायु पुष्ट होते हैं जो डिस्चार्ज को कंट्रोल करते हैं, लेकिन इन क्रियाओं का लंबे समय तक अभ्यास करने से ही फायदा होता। थोड़े-बहुत दिन करने से अपेक्षित लाभ नजर नहीं आता।

ऊपर बताई गई दवाओं और क्रियाओं का इस्तेमाल विशेषज्ञ की सलाह से ही करें।

4 comments:

  1. लेकिन ये दवाईयां कितने दिन तक लेनी होगी.मेरा मतलब है कि जब सेक्स करना हो तो इस दवा को खाना है या दवा को कुछ दिन खाने के बाद शीघ्रपतन की समस्या समाप्त हो जाएगी.कृपया बताएं.

    ReplyDelete
  2. Meri umer 20 saal hai mera ling kafi chota hai mere dost mujhe chidate bhi hai wo khte hai ki mujhe me sararik kmjori hai mein jab b hast methun krta hun to mera bhut jaldi nikal jata hai please mujhe meri smsa ka smadhan btaiye.

    ReplyDelete
  3. yeh koi bari bimari nahi hai. aap barale ka dudh rose suryoday se pahale sat din prayog me leve . ramban hai.

    ReplyDelete
  4. meri goli bahut badi ho gye hai chot lag gye thi iska sahi oupay btaye or sex ki problam ho rhi hai or

    ReplyDelete